शत्रु वशीकरण मंत्र टोटके | करें शत्रु को वश मे वशीकरण से

यदि आप किसी शत्रु से परेशान है तो शत्रु वशीकरण मंत्र के प्रयोग उपाय को प्राप्त कर शत्रु बाधा से छुटकारा पाना चाहते है तो शत्रु वशीकरण मंत्र तंत्र का प्रयोग कर इसका समाधान प्राप्त किया जा सकता है | वशीकरण एक अनोखी और अचूक असर वाली विद्या है। इससे कई कार्य भलीभांति संपन्न किए जा सकते हैं। कार्यक्षेत्र की बाधाएं दूर की जा सकती हैं। मनोवांछित परिणाम के लिए लक्ष्य की प्राप्ति को संभव बनाया जा सकता है। क्योंकि इसके प्रयोग से न केवल आपके भीतर आत्मविश्वास मजबूत होगा, बल्कि व्यक्तित्व में गजब का निखार आ जाएगा।शत्रु वशीकरण मंत्र

शत्रु वशीकरण मंत्र का प्रयोग करें घर पे


किसी का सामना करना हो, किसी के समक्ष अपनी बात रखनी हो, किसी को अपनी बात मनवानी हो, या सामने वाले को कमजोर बनाना हो, तो इसमें वशीकरण के विविध उपायों को अपनाया जा सकता है। खासकर तब जब आप शत्रुओं से तंग आ चुके हों। वशीकरण के उपायों से ही नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के रूख को विपरीत दिशा में ले जाया जा सकता है।

बड़ा से बड़ा, या कहें खरतनाक दुश्मन तक का विनाश किया जा सकता है। वशीकरण करने के कई तरीके बताए गए हैं, जिनमें कुछ मंत्रों के जाप के प्रयोग हैं, तो  कुछ के लिए धार्मिक या तांत्रिक अनुष्ठा के द्वारा सिद्धि-साधना तक की जाती है। वैसे शत्रु को टोने-टोटके से भी वशीभूत किया जा सकता है।

शत्रु वशीकरण मंत्र का प्रयोग करें


हमें जो सतावेसुख न पावे सातो जनम,

ठतनी अर्ज सुन लीजेवीर भैराआज तुम।

जितने हाए शत्रु मेरेऔर जो सताए मुझे।

वाही का रक्त-पानस्वान कराओ।

मार मार खण्डन से कांत डारो माथ उनके।

कालका भवानीसिंह डारे माथ उनके।

कालका भवानीसिंह-वाहिनी की छोड़।

मैंने करी आस तेरीअब करो काज इतनो तुम। 

शत्रु वशीकरण के आसान टोटके 



  • कई बार शुत्रु अनावश्क तरीके से परेशान करता है। या कहें कि जानबूझ कर नीचा दिखाने और कमजोर बनाने के लिए किसी के द्वारा तंग किए जाने की स्थिति में सूर्योदय से पहले एक नींबू को चार भागों में काट लें। उसे अपने हाथ में लेकर ईष्ट देव को आराधना करते हुए गायत्री मंत्र का 11 बार जाप करें और शत्रु से मुक्ति के साथ-साथ दिनभर के सारे कार्य बाधारहित पूर्ण होने की मनोकामना करें। प्रत्येक भाग को एक-एक कर चारो दिशाओं में किसी चैराहे या खुले मैदान में फेंक दें और शांत भाव से  वापस घर आकर रोजमर्रे कामकाज में जुट जाएं।

  • शुक्ल पक्ष के किसी भी बुधवार को गोमती चक्र अपने सिर के चारो ओर घुमाकर फेंक देने से शुत्रु द्वारा किया गया नुकसान पहुंचाने वाला जादू-टोना या तंत्रिक प्रयोग खत्म हो जाता है।

  • सफलता से ईष्र्या करने वाले शत्रु के द्वारा किए गए तांत्रिक प्रभाव को खत्म करने के लिए शनिवार के दिन एक किलो काले उड़द को एक किलो कोयले या चारकोल के साथ मिलाकर एक मीटर काले कपड़े में बंधकर अपने सिर के ऊपर से हनुमान का ध्यान कर  21 बार घुमाएं। उसके बाद उसे नदी के बहते पानी में विसर्जित कर दें। ऐसा सात शनिवार करने से दुश्मन का दुष्प्रभाव हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।

  • हाथ से निर्मित कागज के टुकड़े पर लाल चंदन से शत्रु का नाम लिखकर उसे शहद में तब तक डूबोए रखें, जबतक आपको ऐहसास नहीं हो जाए कि शत्रु द्वारा की जाने वाली अनावश्यक तरह से परेशानी खत्म हो गई है। इस प्रयोग से शत्रु को अपने वश में किया जा सकता है और उसे अपना पक्षधर बनाया जा सकता है।


पढे - ज्योतिष शास्त्र के बारे मे। 



  • शत्रु यदि कोई स्त्री है तो उसे वशीभूत कर उसकी शुत्रुता को खत्म करने के लिए छोटी इलायची, लाल चंदन, सिंदूर, कंगनी, ककड़सिंगी आदि से धूप या हवन-समाग्री बनाएं। इससे उस शत्रु जैसा वर्ताव करने वाली स्त्री के नाम से प्रतिदिन धूप जलाने से चंद दिनों में ही अच्छे परिणाम आ जाता है।

  • यदि आप चाहते हैं कि जो व्यक्ति आपसे शत्रुता का व्यावहार करता है उसके स्वाभाव में परिवर्तन आ जाए और आपसे मित्रवत अचरण बना ले तो इसके लिए बैजयंति माला धारण करना चाहिए। इस माला में किसी को भी सम्मोहित करने की अद्भुत क्षमता होती है। भगवान श्रीकृष्ण हमेश यही माल पहना करते थे।

Comments

Popular posts from this blog

251 kamdev vashikaran mantra in hindi

100% Working Bengali Black Magic

Best Astrologer in India